अरबपति कारोबारी एलन मस्क ने परिवहन का एक नया मॉडल पेश किया है। उन्होंने मंगलवार को कैलिफोर्निया के हॉथोर्न में जमीन के अंदर बनाई गई सुरंग को टेस्टिंग के लिए खोल दिया। मस्क की मोडिफाइड इलेक्ट्रिक कार टेस्ला मॉडल एस ने इस सुरंग में टेस्ट राइड दी। मस्क का कहना है कि यह सुरंग उबाऊ ट्रैफिक जाम से लोगों को निजात दिलाएगी।
मस्क ने कुछ रिपोर्टर और मेहमानों को सुरंग में टेस्ला मॉडल एस की सवारी करने का मौका दिया। यह प्रयोगिक सुरंग 1.4 मील (2.25 किलोमीटर) की है। इसमें टेस्ट राइड 64 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर हुई, जो अपेक्षाकृत धीमी है।
मस्क ने भरोसा जताया कि भविष्य में इस सुरंग में 241 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ी दौड़ाई जा सकेगी। टेस्टिंग के वक्त कार को सुरंग के एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंचने में तीन मिनट का वक्त लगा।
यह सुरंग 12 फीट चौड़ी है। मस्क ने सुरंग के पहले सफर को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने रिपोर्टर्स से कहा कि उनके लिए यह क्षण कुछ पा लेने वाला था। उन्होंने कहा कि अभी रास्ता उबड़-खाबड़ था, क्योंकि हमारे पास वक्त कम था। लेकिन, भविष्य में यह कांच की तरह सपाट होगा।
मस्क ने बताया था कि सुरंग के निकास द्वार पर एक वॉच टॉवर बनाया जा रहा है जिसमें सुरंग से निकाली गई मिट्टी से बनाई गई ईटों का इस्तेमाल किया जा रहा है। पहले यह सुरंग 10 दिसंबर को ही खोली जानी थी, लेकिन ऐन मौके पर इसे टाल दिया गया था।
70 करोड़ रुपए आई लागत
मस्क ने बताया कि सुरंग में बिना दीवार वाली लिफ्ट है जो कार को जमीन की सतह से 30 फीट नीचे ले जाती है। उन्होंने बताया कि इस सुरंग को बनाने में एक करोड़ डॉलर (करीब 70 करोड़ रुपए) का खर्च आया है। मस्क ने कहा कि वे लॉस एंजिल्स में 2028 में होने वाले समर ओलिंपिक तक शहर में इस तरह की सुरंग का एक जाल बिछाना चाहते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को तमिलनाडु और पुडुचेरी के भाजपा कार्यकर्ताओं से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद किया। इस दौरान उन्होंने ईवीएम पर सवाल उठाए जाने को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। मोदी ने कहा कि कांग्रेस चुनाव से पहले ईवीएम पर सवाल उठाकर भ्रम का माहौल पैदा करती है। लेकिन अगर इन चुनावों में उसे जीत मिल जाती है, तो वह आसानी से नतीजों को स्वीकार कर लेती है।
'राफेल सौदे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भी उठाए सवाल'
मोदी ने कहा, "कांग्रेस ने सेना, सीएनजी और लोकतंत्र के लिए अहम सभी संस्थाओं का अपमान किया। हाल ही में उन्होंने राफेल सौदे को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाए, क्योंकि यह फैसला उन्हें पसंद नहीं आया।''
उन्होंने कहा, ''इससे पहले जब वे सुप्रीम कोर्ट को नहीं धमका सके थे तो उन्होंने चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग भी लाने की कोशिश की थी।''
संवाद के दौरान मोदी ने कार्यकर्ताओं से कहा- कांग्रेस के अलोकतांत्रिक व्यवहार का सही जवाब लोकतंत्र को मजबूत करना है। लोकतंत्र में सूचनाएं और जागरुकता अहम है। हमें लोगों को कांग्रेस के खतरनाक खेल के बारे में जनता को बताना है। उन्हें बताना है कि कांग्रेस का डीएनए अभी भी वही है।
मस्क ने कुछ रिपोर्टर और मेहमानों को सुरंग में टेस्ला मॉडल एस की सवारी करने का मौका दिया। यह प्रयोगिक सुरंग 1.4 मील (2.25 किलोमीटर) की है। इसमें टेस्ट राइड 64 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर हुई, जो अपेक्षाकृत धीमी है।
मस्क ने भरोसा जताया कि भविष्य में इस सुरंग में 241 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ी दौड़ाई जा सकेगी। टेस्टिंग के वक्त कार को सुरंग के एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंचने में तीन मिनट का वक्त लगा।
यह सुरंग 12 फीट चौड़ी है। मस्क ने सुरंग के पहले सफर को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने रिपोर्टर्स से कहा कि उनके लिए यह क्षण कुछ पा लेने वाला था। उन्होंने कहा कि अभी रास्ता उबड़-खाबड़ था, क्योंकि हमारे पास वक्त कम था। लेकिन, भविष्य में यह कांच की तरह सपाट होगा।
मस्क ने बताया था कि सुरंग के निकास द्वार पर एक वॉच टॉवर बनाया जा रहा है जिसमें सुरंग से निकाली गई मिट्टी से बनाई गई ईटों का इस्तेमाल किया जा रहा है। पहले यह सुरंग 10 दिसंबर को ही खोली जानी थी, लेकिन ऐन मौके पर इसे टाल दिया गया था।
70 करोड़ रुपए आई लागत
मस्क ने बताया कि सुरंग में बिना दीवार वाली लिफ्ट है जो कार को जमीन की सतह से 30 फीट नीचे ले जाती है। उन्होंने बताया कि इस सुरंग को बनाने में एक करोड़ डॉलर (करीब 70 करोड़ रुपए) का खर्च आया है। मस्क ने कहा कि वे लॉस एंजिल्स में 2028 में होने वाले समर ओलिंपिक तक शहर में इस तरह की सुरंग का एक जाल बिछाना चाहते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को तमिलनाडु और पुडुचेरी के भाजपा कार्यकर्ताओं से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद किया। इस दौरान उन्होंने ईवीएम पर सवाल उठाए जाने को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। मोदी ने कहा कि कांग्रेस चुनाव से पहले ईवीएम पर सवाल उठाकर भ्रम का माहौल पैदा करती है। लेकिन अगर इन चुनावों में उसे जीत मिल जाती है, तो वह आसानी से नतीजों को स्वीकार कर लेती है।
'राफेल सौदे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भी उठाए सवाल'
मोदी ने कहा, "कांग्रेस ने सेना, सीएनजी और लोकतंत्र के लिए अहम सभी संस्थाओं का अपमान किया। हाल ही में उन्होंने राफेल सौदे को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाए, क्योंकि यह फैसला उन्हें पसंद नहीं आया।''
उन्होंने कहा, ''इससे पहले जब वे सुप्रीम कोर्ट को नहीं धमका सके थे तो उन्होंने चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग भी लाने की कोशिश की थी।''
संवाद के दौरान मोदी ने कार्यकर्ताओं से कहा- कांग्रेस के अलोकतांत्रिक व्यवहार का सही जवाब लोकतंत्र को मजबूत करना है। लोकतंत्र में सूचनाएं और जागरुकता अहम है। हमें लोगों को कांग्रेस के खतरनाक खेल के बारे में जनता को बताना है। उन्हें बताना है कि कांग्रेस का डीएनए अभी भी वही है।
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