कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी ने संसद में रफ़ाल पर सवाल पूछने के बाद प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर कहा कि मोदी सरकार अपने बयानों से मुकर रही है.
राहुल ने कहा कि पहले अरुण जेटली पूछ रहे थे कि 1600 करोड़ का आंकड़ा कहां से आया लेकिन मंगलवार को संसद में उसके बारे में बता दिया.
मंगलवार को बहस के दौरान अरुण जेटली ने कहा था कि पूरी डील 58 हज़ार करोड़ की है. राहुल गांधी ने पूछा कि अगर क़ीमत गोपनीय थी तो जेटली ने संसद में क्यों सार्वजनिक किया.
कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि प्रधानमंत्री में साहस नहीं है कि वो संसद में बहस के दौरान बैठें. राहुल ने कहा कि वो पीएम मोदी को 20 मिनट की चुनौती देते हैं कि संसद में आकर बहस करें.
राहुल ने ये भी कहा, ''2007 में रफ़ाल की जो डील थी उसमें वेपन भी था. यूपीए की डील में वो सारे उपकरण थे जो इनकी डील में है.''
राहुल ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कुछ दस्तावेज़ भी दिखाए. कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि मोदी सरकार ने अनिल अंबानी को फ़ायदा पहुंचाया है. राहुल ने चौकीदार चोर है कह एक बार फिर से पीएम मोदी पर निशाना साधा.
कांग्रेस प्रमुख ने कहा, ''पीएम मोदी ने कॉन्ट्रैक्ट बदला है और बदलने का उनके पास कोई तर्क नहीं है. सारी प्रक्रिया की धज्जियां उड़ाई गई हैं. पीएम ने डेढ़ घंटे का इंटरव्यू दिया लेकिन रफ़ाल पर जवाब से बचते रहे. पीएम मोदी सोचते हैं कि उन पर कोई सवाल नहीं पूछे. अरुण जेटली ने ख़ुद ही दाम बता दिया. पहले दाम बताने में गोपनीयता थी तो आज संसद में क्यों बताया?''
फ़्रांस से रफ़ाल लड़ाकू विमान सौदे में विपक्षी पार्टियों के भ्रष्टाचार के आरोप को लेकर मंगलवार को लोकसभा में बहस शुरू हुई है. बहस के दौरान कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी ने इस सौदे को लेकर कई तरह से सवाल खड़े किए.
राहुल का जवाब देने के लिए मोदी सरकार ने वित्त मंत्री अरुण जेटली को आगे किया. जेटली ने भी बहस के दौरान गांधी-नेहरू परिवार पर तीखे निशाने साधे. बहस के दौरान कांग्रेस के सांसद काग़ज़ के जहाज उड़ाते दिखे, जिस पर लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कड़ी आपत्ति जताई और संसद को आधे घंटे के लिए स्थगित करना पड़ा.
राहुल ने मुख्य रूप से चार सवाल खड़े किए
किसने वायुसेना की 126 रफ़ाल की ज़रूरतों को 36 में तब्दील किया. इस सौदे में बदलाव किसने किया और क्यों किया? पुरानी डील को इस सरकार ने क्यों बदला?
हर कोई जानता है कि यूपीए सरकार 526 करोड़ में 126 रफ़ाल ख़रीदने जा रही थी. अब मोदी सरकार 1600 करोड़ में 36 रफ़ाल ख़रीदने जा रही है. आख़िर ये क़ीमत क्यों बदली गई?
फ़्रांस ने ख़ुद कहा है कि एचएएल से विमान बनाने का काम छीनकर अनिल अंबानी को देने का फ़ैसला भारत सरकार का था. आख़िर एचएएल से यह काम क्यों छीना गया? एचएएल ने कई लड़ाकू विमान बनाए हैं लेकिन उसे ये काम नहीं दिया गया.
0 दिन पहले कंपनी बनाने वाले अनिल अंबानी, जो कि 45 हज़ार करोड़ के क़र्ज़ में हैं, उनकी कंपनी को रफ़ाल का कॉन्ट्रैक्ट क्यों दिया गया?
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि क़ीमत गोपनीय है जबकि फ़्रांस के राष्ट्रपति ने मनमोहन सिंह से कहा कि इसकी क़ीमत बताने में कोई दिक़्क़त नहीं है और इसमें गोपनीयता जैसी कोई बात नहीं है.
पुराने कॉन्ट्रैक्ट में भारत सरकार की कंपनी एचएएल को विमान बनाना था. कई राज्यों में इसके काम होते और लोगों को रोज़गार मिलते.
अनिल अंबानी का नाम लेने पर सुमित्रा महाजन ने राहुल को रोका
राहुल गांधी जब मोदी सरकार से सवाल पूछ रहे थे तो उन्होंने अनिल अंबानी का भी नाम लिया. अनिल अंबानी के नाम लेने पर लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने आपत्ति जताई और कहा कि जो सदन में नहीं है उसका नाम राहुल गांधी ना लें. इसके बाद राहुल गांधी ने अनिल अंबानी को डबल ए कहना शुरू कर दिया.
राहुल गांधी ने कहा कि सु्प्रीम कोर्ट ने जेपीसी बनाने पर कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई है. राहुल ने कहा कि गोवा के मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मीटिंग में कहा है कि उनके पास रफ़ाल की फ़ाइलें पड़ी हुई हैं और पूरा सच उनके पास है.
राहुल गांधी जब लोकसभा में सवाल पूछ रहे थे तो उन्होंने एक टेप चलाने की अनुमति मांगी. इस टेप के बारे में कहा जा रहा है पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कैबिनेट मीटिंग में कहा है कि रफ़ाल का पूरा सच उनके पास है. इस मांग पर अरुण जेटली ने आपत्ति जताई और कहा कि इस टेप में कोई सत्यता नहीं है. लोकसभा अध्यक्ष ने इसकी अनुमति नहीं दी.
राहुल ने कहा कि पहले अरुण जेटली पूछ रहे थे कि 1600 करोड़ का आंकड़ा कहां से आया लेकिन मंगलवार को संसद में उसके बारे में बता दिया.
मंगलवार को बहस के दौरान अरुण जेटली ने कहा था कि पूरी डील 58 हज़ार करोड़ की है. राहुल गांधी ने पूछा कि अगर क़ीमत गोपनीय थी तो जेटली ने संसद में क्यों सार्वजनिक किया.
कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि प्रधानमंत्री में साहस नहीं है कि वो संसद में बहस के दौरान बैठें. राहुल ने कहा कि वो पीएम मोदी को 20 मिनट की चुनौती देते हैं कि संसद में आकर बहस करें.
राहुल ने ये भी कहा, ''2007 में रफ़ाल की जो डील थी उसमें वेपन भी था. यूपीए की डील में वो सारे उपकरण थे जो इनकी डील में है.''
राहुल ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कुछ दस्तावेज़ भी दिखाए. कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि मोदी सरकार ने अनिल अंबानी को फ़ायदा पहुंचाया है. राहुल ने चौकीदार चोर है कह एक बार फिर से पीएम मोदी पर निशाना साधा.
कांग्रेस प्रमुख ने कहा, ''पीएम मोदी ने कॉन्ट्रैक्ट बदला है और बदलने का उनके पास कोई तर्क नहीं है. सारी प्रक्रिया की धज्जियां उड़ाई गई हैं. पीएम ने डेढ़ घंटे का इंटरव्यू दिया लेकिन रफ़ाल पर जवाब से बचते रहे. पीएम मोदी सोचते हैं कि उन पर कोई सवाल नहीं पूछे. अरुण जेटली ने ख़ुद ही दाम बता दिया. पहले दाम बताने में गोपनीयता थी तो आज संसद में क्यों बताया?''
फ़्रांस से रफ़ाल लड़ाकू विमान सौदे में विपक्षी पार्टियों के भ्रष्टाचार के आरोप को लेकर मंगलवार को लोकसभा में बहस शुरू हुई है. बहस के दौरान कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी ने इस सौदे को लेकर कई तरह से सवाल खड़े किए.
राहुल का जवाब देने के लिए मोदी सरकार ने वित्त मंत्री अरुण जेटली को आगे किया. जेटली ने भी बहस के दौरान गांधी-नेहरू परिवार पर तीखे निशाने साधे. बहस के दौरान कांग्रेस के सांसद काग़ज़ के जहाज उड़ाते दिखे, जिस पर लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कड़ी आपत्ति जताई और संसद को आधे घंटे के लिए स्थगित करना पड़ा.
राहुल ने मुख्य रूप से चार सवाल खड़े किए
किसने वायुसेना की 126 रफ़ाल की ज़रूरतों को 36 में तब्दील किया. इस सौदे में बदलाव किसने किया और क्यों किया? पुरानी डील को इस सरकार ने क्यों बदला?
हर कोई जानता है कि यूपीए सरकार 526 करोड़ में 126 रफ़ाल ख़रीदने जा रही थी. अब मोदी सरकार 1600 करोड़ में 36 रफ़ाल ख़रीदने जा रही है. आख़िर ये क़ीमत क्यों बदली गई?
फ़्रांस ने ख़ुद कहा है कि एचएएल से विमान बनाने का काम छीनकर अनिल अंबानी को देने का फ़ैसला भारत सरकार का था. आख़िर एचएएल से यह काम क्यों छीना गया? एचएएल ने कई लड़ाकू विमान बनाए हैं लेकिन उसे ये काम नहीं दिया गया.
0 दिन पहले कंपनी बनाने वाले अनिल अंबानी, जो कि 45 हज़ार करोड़ के क़र्ज़ में हैं, उनकी कंपनी को रफ़ाल का कॉन्ट्रैक्ट क्यों दिया गया?
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि क़ीमत गोपनीय है जबकि फ़्रांस के राष्ट्रपति ने मनमोहन सिंह से कहा कि इसकी क़ीमत बताने में कोई दिक़्क़त नहीं है और इसमें गोपनीयता जैसी कोई बात नहीं है.
पुराने कॉन्ट्रैक्ट में भारत सरकार की कंपनी एचएएल को विमान बनाना था. कई राज्यों में इसके काम होते और लोगों को रोज़गार मिलते.
अनिल अंबानी का नाम लेने पर सुमित्रा महाजन ने राहुल को रोका
राहुल गांधी जब मोदी सरकार से सवाल पूछ रहे थे तो उन्होंने अनिल अंबानी का भी नाम लिया. अनिल अंबानी के नाम लेने पर लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने आपत्ति जताई और कहा कि जो सदन में नहीं है उसका नाम राहुल गांधी ना लें. इसके बाद राहुल गांधी ने अनिल अंबानी को डबल ए कहना शुरू कर दिया.
राहुल गांधी ने कहा कि सु्प्रीम कोर्ट ने जेपीसी बनाने पर कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई है. राहुल ने कहा कि गोवा के मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मीटिंग में कहा है कि उनके पास रफ़ाल की फ़ाइलें पड़ी हुई हैं और पूरा सच उनके पास है.
राहुल गांधी जब लोकसभा में सवाल पूछ रहे थे तो उन्होंने एक टेप चलाने की अनुमति मांगी. इस टेप के बारे में कहा जा रहा है पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कैबिनेट मीटिंग में कहा है कि रफ़ाल का पूरा सच उनके पास है. इस मांग पर अरुण जेटली ने आपत्ति जताई और कहा कि इस टेप में कोई सत्यता नहीं है. लोकसभा अध्यक्ष ने इसकी अनुमति नहीं दी.
Comments
Post a Comment